परविंदर सिंह झोटा ने कई पंचायतों ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया था. वे मानसा में एंटी ड्रग टास्क फोर्स नाम के समाजसेवी संगठन का संचालन करते थे.
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले समाजसेवी परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि मंगलवार सुबह एक मेडिकल स्टोर मालिक ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. गोलियां इतनी नजदीक से मारी गईं कि वे उनके शरीर के आर-पार हो गईं. परविंदर सिंह लंबे समय से इलाके में नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. वह न केवल लोगों को नशा बेचने से रोकते थे, बल्कि नशा बेचने के आरोपियों को पकड़ने की कोशिश भी करते थे. इस वजह से उनका कई लोगों के साथ विवाद हो चुका था.
परविंदर सिंह झोटा मानसा में एंटी ड्रग टास्क फोर्स नाम के समाजसेवी संगठन का संचालन करते थे. उनका मुख्य उद्देश्य इलाके में नशे के बढ़ते कारोबार पर रोक लगाना और युवाओं को नशे से दूर रखना था. वह लंबे समय से इस मुहिम से जुड़े हुए थे और स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.
मेडिकल स्टोर के मालिक ने मारी गोली
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परविंदर सिंह नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने के लिए मेडिकल स्टोर पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी और स्टोर मालिक की बीच कहासुनी हो गई. घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में मेडिकल स्टोर का मालिक पिस्तौल से गोली चलाता दिखाई दे रहा है. माना जा रहा है कि यह वीडियो झोटा ने खुद रिकॉर्ड किया था.
गोली लगने से झोटा गंभीर रूप से घायल हो गए. मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई.
कबड्डी खिलाड़ी थे परविंदर सिंह
परविंदर सिंह झोटा एक कबड्डी खिलाड़ी भी थे. हालांकि, उनका नाम कई विवादों में भी सामने आया था. उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज थे और वह जेल भी जा चुके थे.
2023 में झोटा से जुड़ा एक मामला काफी चर्चा में आया था. आरोप था कि वह अपने साथियों के साथ एक मेडिकल स्टोर में घुस गए थे. उनका दावा था कि स्टोर में प्रतिबंधित कैप्सूल बेचे जा रहे हैं. उन्होंने अपने साथियों के साथ स्टोर की तलाशी लेने की कोशिश की. आरोप यह भी था कि उन्होंने मेडिकल स्टोर बंद करा दिया और उसके मालिक के गले में जूतों की माला डालकर उसे बाजार से घुमाते हुए पुलिस स्टेशन ले गए.
इस मामले में मेडिकल स्टोर मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ था. वहीं, झोटा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, झोटा को इससे पहले 2009 में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी गिरफ्तार किया गया था. उनके खिलाफ कई अन्य मामले दर्ज होने और अलग-अलग मौकों पर गिरफ्तार किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं.