जाम के हालात देख लोग आधे रास्ते से ही डिवाइडर से लेन रोड क्रॉस कर अपने घर वापस लौट रहे हैं।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान के विरोध में दलित समाज ने आज (9 सितंबर) दोपहर 4 बजे तक दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम कर दिया है। यह जाम लुधियाना में जालंधर बाईपास चौक के पास लगाया गया है।
इस वजह से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, अंबाला, करनाल और पानीपत के रास्ते आने-जाने वालों को दिक्कत हो रही है। जाम को देखते हुए दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के वक्त स्कूल बसें भी इसमें फंस सकती हैं। जिससे बच्चों को परेशानी होगी।
जाम के हालात देख लोग आधे रास्ते से ही डिवाइडर से लेन रोड क्रॉस कर अपने घर वापस लौट रहे हैं। दलित समाज ने लुधियाना बंद का भी ऐलान किया है। हालांकि शहर में बाजार खुले रहे। जिसके बाद प्रदर्शनकारी अब दुकानों को बंद कराने पहुंच गए हैं।
वहीं जालंधर बाईपास चौक पर दलित समाज के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने यहां से आने-जाने वाले सभी रास्ते बैरिकेड लगाकर बंद कर दिए हैं।
लुधियाना में नेशनल हाईवे जाम करे प्रदर्शनकारी। हाईवे पर रुका ट्रैफिक और फ्लाईओवर पर फंसे यात्री।
लुधियाना में नेशनल हाईवे जाम होने के बाद लोग रास्ते में डिवाइडर से दूसरी तरफ आकर अपने घर को लौट रहे हैं।
मंगलवार (8 सितंबर) को शरारती तत्वों ने जूतों की माला से डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान किया था। जिसके बाद रात को साढ़े 3 घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। तब पुलिस ने FIR दर्ज की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, उनका विरोध जारी रहेगा। इस बीच आज सुबह दलित समाज के लोगों ने प्रतिमा का दूध से अभिषेक किया। पुलिस ने मूर्ति के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं ताकि फिर कोई ऐसी हरकत न कर सके।
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को दूध से नहलाते दलित भाईचारे के लोग।
हाईवे बंद तो अमृतसर-जालंधर से पटियाला-दिल्ली का रूट क्या
लुधियाना में जालंधर बाईपास चौक पर हाईवे जाम होने की वजह से जालंधर से आने वाले ट्रैफिक को लाडोवाल बाईपास की तरफ से साउथ सिटी की तरफ मोड़ दिया गया है। ये ट्रैफिक लुधियाना की फिरोजपुर रोड स्थित वेरका चौक से होते हुए साउदर्न बाईपास के जरिए पटियाला-दिल्ली की तरफ जा रहा है।
दिल्ली की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को भी दोराहा से साउदर्न बाईपास के जरिए लाडोवाल बाईपास से होते हुए सीधे टोल प्लाजा पर निकाला जा रहा है। इसके अलावा जगराओं से होते हुए नकोदर के रास्ते जालंधर पहुंच सकते हैं।