व्हीलर मार्केट एसोसिएशन ने पंजाब पुलिस और सरकार की नंबर प्लेट पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन का आरोप है कि नए सिस्टम की वजह से न सिर्फ व्यापारियों को बल्कि ग्राहकों को भी पैसे का नुकसान और परेशानी हो रही है।
प्रोटेस्ट के दौरान टू-व्हीलर मार्केट एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि पहले सरकारी नंबर प्लेट लगवाने का खर्च करीब 250 रुपये था, लेकिन अब वही नंबर प्लेट लगवाने में करीब 1500 रुपये लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे कमीशन बेसिस पर टू-व्हीलर गाड़ियां खरीदते और बेचते हैं। पहले ग्राहक को वही नंबर प्लेट वाली गाड़ी दी जाती थी। लेकिन अब ऐसी गाड़ियों का जगह-जगह लगे पुलिस चेकपॉइंट पर चालान किया जा रहा है।
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिस नंबर प्लेट न होने या नियमों का पालन न करने पर 3000 रुपये तक के चालान काट रही है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी भारी पैसे का बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार नंबर प्लेट की बढ़ी हुई कीमतों पर फिर से विचार करे और इस बारे में कोई हल निकाले, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को बेवजह परेशानी न हो।
फिलहाल, टू-व्हीलर मार्केट एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार और प्रशासन इस मामले में तुरंत दखल दे। अब देखना यह है कि सरकार व्यापारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।