जिले में इस साल स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है।
स्वास्थ्य विभाग को मिली जानकारी के अनुसार जिले में स्वाइन फ्लू के तीन नए मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें मोगा शहर, बाघापुराना और कोटइसे खां से संबंधित मरीज शामिल हैं। मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीमों ने शुक्रवार को तीनों मरीजों के घर पहुंचकर सर्वे किया और उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जांच की।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राहत की बात यह है कि तीनों मरीजों की हालत फिलहाल नियंत्रण में है और वे अपने-अपने घरों में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सर्वे के दौरान परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों में स्वाइन फ्लू से संबंधित कोई गंभीर लक्षण नहीं पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक सिंगला ने मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि मरीजों के घरों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो दिन पहले भी जिले के बासुराना, कोटइसे खां और मोगा शहर से स्वाइन फ्लू के तीन मरीज पॉजिटिव मिले थे। ये मरीज अब स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
सांस के जरिए फैलता है संक्रमण
स्वाइन फ्लू एक श्वसन संबंधी संक्रामक बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा टाइप-ए वायरस के कारण होती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सांस लेने में परेशानी, छाती में भारीपन, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी तथा कभी-कभी उल्टी या दस्त इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोना चाहिए तथा बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए। सर्दी-खांसी से पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें। बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार हर साल फ्लू का टीका लगवाना चाहिए। पौष्टिक आहार लेने और पर्याप्त आराम करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में चिकित्सक से जांच करवाएं।