पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलने की संभावना है।
21 जुलाई को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल का यह आखिरी मानसून सत्र होगा। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
इस संबंध में विभिन्न विभागों के साथ बैठकों का दौर भी जारी है। विधानसभा सत्र में जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 में संशोधन लाने का एजेंडा लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, अन्य मुद्दों पर अंतिम स्थिति कैबिनेट बैठक के बाद स्पष्ट होगी।
सीएम की सरकारी रिहायश पर मीटिंग होगी
पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक आज दोपहर 12 बजे शुरू होगी। बैठक चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की जाएगी। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। दौरों के दौरान जनता से मिल रहे फीडबैक पर सरकार का थिंक टैंक काम कर रहा है और कई मुद्दों पर जल्द फैसले लिए जा रहे हैं।
पिछली कैबिनेट बैठक में होशियारपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की नियुक्ति समेत कई अहम फैसले लिए गए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि आज की बैठक में भी प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इसके अलावा, 3 अगस्त से शुरू होने वाले पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी कैबिनेट में औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना है।
अगस्त में सेशन होने की तीन बड़ी वजहें
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पंजाब और हरियाणा विधानसभा एक ही इमारत में संचालित होती हैं, इसलिए दोनों राज्यों के विधानसभा सत्र एक साथ आयोजित नहीं किए जाते। सुरक्षा, वीआईपी मूवमेंट और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए दोनों राज्यों के सत्रों की तारीखें अलग-अलग तय की जाती हैं। हरियाणा भी जुलाई के आखिर में अपने विधानसभा सत्र की तारीखों का ऐलान करेगा। इसी वजह से पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में आयोजित किए जाने की तैयारी है।
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अकाल तख्त ने एक महीने के भीतर कानून में बदलाव करने के निर्देश दिए थे। 29 जून को जारी आदेश में गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट में संशोधन करने को कहा गया था। सरकार को यह संशोधन विधानसभा में पेश करना है, इसलिए अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाला विधानसभा सत्र अहम माना जा रहा है।
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सरकार को कई बड़े फैसलों को कानून का रूप देना है। प्राइवेट स्कूल फीस से जुड़े ऑर्डिनेंस समेत कई प्रस्तावों को विधानसभा से मंजूरी दिलाना जरूरी है। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते सरकार इन कामों को जल्द पूरा करना चाहती है।