Home delhi Patiala Jail में बंद Rajoan ने PM को लिखा पत्र:दया याचिका पर...

Patiala Jail में बंद Rajoan ने PM को लिखा पत्र:दया याचिका पर जल्द फैसला लेने की मांग, बोले- अपील 15 साल से विचाराधीन

29
0
Google search engine

पटियाला सेंट्रल जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जेल से एक पत्र लिखा है।

16 सितंबर को केंद्रीय जेल पटियाला से लिखे पत्र में राजोआणा ने अपनी फांसी की सजा से जुड़ी दया याचिका पर जल्द फैसला लेने की मांग की है।
राजोआणा ने लिखा कि वह पिछले 30 साल से जेल में बंद हैं। करीब 20 साल से फांसी की सजा के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी फांसी की सजा से संबंधित अपील करीब 15 साल से केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। राजोआणा ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि इतने लंबे समय तक फैसला क्यों नहीं लिया जा रहा।
केंद्र सरकार की ओर से दाखिल किए गए हलफनामे का जिक्र पत्र में राजोआणा ने 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर जारी किए गए नोटिफिकेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसे अब तक लागू नहीं किया गया। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से दाखिल किए गए हलफनामे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में फैसला लेने से देश की सुरक्षा को खतरा पैदा होने की बात कही थी।
31 जुलाई 2007 को सुनाई गई थी फांसी की सजा राजोआणा ने पत्र में अपने मामले की कानूनी प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2007 को अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। इसके बाद मार्च 2012 में चंडीगढ़ की सेशन कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर 31 मार्च 2012 को फांसी देने का आदेश दिया था।
केंद्र सरकार ने फांसी पर रोक लगा दी बाद में राष्ट्रपति के पास उनकी सजा को उम्रकैद में बदलने की अपील की गई और केंद्र सरकार ने फांसी पर रोक लगा दी। राजोआणा ने 1984 के सिख विरोधी हिंसा और पंजाब के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए तथा कहा कि पंजाब में अब किसी तरह की नई साजिश नहीं होनी चाहिए।
जेल से फैसले का इंतजार कर रहे राजोआणा राजोआणा ने प्रधानमंत्री से अपील की कि उनकी लंबित अपील पर जल्द फैसला लिया जाए। उन्होंने लिखा कि वह अंतिम सांस तक अपनी धरती और अपनी कौम के प्रति अपने कर्तव्य निभाते रहेंगे। पत्र के अंत में बलवंत सिंह राजोआणा ने लिखा कि वह केंद्रीय जेल पटियाला से अपने फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here