कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है।
भारत के स्टार जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद उन्हें भारतीय दल से बाहर कर दिया गया है। अब वह स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
अरुण कुमार को पुरुषों के 73 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करना था। उनसे इस प्रतियोगिता में पदक जीतने की काफी उम्मीदें थीं, लेकिन डोप टेस्ट में पॉजिटिव आने के कारण उनका कॉमनवेल्थ गेम्स खेलने का सपना टूट गया।
जूडो फेडरेशन ने की पुष्टि
इस मामले की पुष्टि जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने की है। हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि अरुण कुमार के सैंपल में कौन-सा प्रतिबंधित पदार्थ (Banned Substance) मिला है। फिलहाल जूडो फेडरेशन और संबंधित एंटी-डोपिंग एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि अरुण कुमार पर कितने समय का प्रतिबंध लगाया जाएगा और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी।
भारतीय जूडो के उभरते सितारे हैं अरुण कुमार
अरुण कुमार को भारतीय जूडो का उभरता हुआ सितारा माना जाता है। उन्होंने जूनियर से लेकर सीनियर स्तर तक लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। वह इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) में प्रशिक्षण लेते हैं, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग मिली। इसी का नतीजा है कि वह देश के शीर्ष जूडो खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाने में सफल रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे बनाई पहचान
अरुण कुमार ने साल 2023 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की थी। उन्होंने मकाऊ जूनियर एशियन कप में पुरुषों के 73 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद 2025 में उन्होंने ताइपे एशियन ओपन में गोल्ड मेडल जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसी साल उन्होंने हॉन्ग कॉन्ग एशियन ओपन में कांस्य पदक भी जीता, जिससे एशियाई जूडो सर्किट में उनकी पहचान और मजबूत हुई।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक के थे दावेदार
साल 2026 में अरुण कुमार ने दुनिया के प्रतिष्ठित ताशकंद ग्रैंड स्लैम में हिस्सा लिया और सातवें स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। खेल विशेषज्ञों का मानना था कि अरुण कुमार भारत के लिए पदक जीतने के मजबूत दावेदार हो सकते हैं। लेकिन डोप टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
भारतीय टीम को बड़ा नुकसान
अरुण कुमार के टीम से बाहर होने को भारतीय जूडो टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उनकी गैरमौजूदगी से भारत की पदक जीतने की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है। अब सभी की नजर एंटी-डोपिंग जांच पर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि अरुण कुमार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और उनके करियर पर इसका कितना असर पड़ेगा।