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Ludhiana में निवेश के नाम ₹73 लाख ठगे:फेसबुक विज्ञापन के झांसे में आया व्यक्ति, ईटी मनी के नाम पर शेयर मार्केट में इंवेस्ट करवाए

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लुधियाना के जगराओं में रहने वाले एक व्यक्ति को फेसबुक पर विज्ञापन देखकर निवेश करना महंगा पड़ गया।

साइबर ठगों ने जगराओं निवासी बलविंदर सिंह को मुनाफे का लालच देकर 73.25 लाख रुपए ठग लिए। बलविंदर सिंह मुनाफे के चक्कर में निवेश करते रहे। जब उन्होंने अपने पैसे वापस लेने की बात की तो ठगों ने उन्हें इंतजार करने को कह दिया।
वह कुछ दिन इंतजार करते रहे, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद उन्हें शक हुआ कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है। ठगों ने नामी वित्तीय कंपनी ‘ईटी मनी’ के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और भारी मुनाफे के साथ आईपीओ में निवेश का लालच दिया। बलविंदर सिंह ठगों की बातों में आ गए और उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
बलविंदर सिंह हुई साइबर ठगी की पूरी कहानी जानिए…
  • फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ जाल: मंडी मुल्लांपुर निवासी बलविंदर सिंह ने कुछ समय पहले अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर बाजार और आईपीओ (IPO) में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। यह विज्ञापन ‘ईटी मनी’ कंपनी के नाम से चलाया जा रहा था। विज्ञापन पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने उनसे संपर्क साधा। पीड़ित को झांसा देने के लिए आरोपियों ने मोबाइल के जरिए उनकी एक फर्जी आईडी बनाई और कंपनी के पोर्टल पर उनका अकाउंट खोलने का नाटक किया।
  • मुनाफे का लालच और लाखों का निवेश: अकाउंट बनने के बाद आरोपियों ने बलविंदर सिंह को शेयर मार्केट और आईपीओ में पैसे लगाने पर कम समय में कई गुना रिटर्न मिलने का लालच दिया। पीड़ित उनकी बातों में आ गए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों के विवरण दिए और उनमें पैसे जमा करवाने को कहा। बलविंदर सिंह ने भरोसा करते हुए किश्तों में कुल 73 लाख 25 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
  • न मूलधन मिला, न ही मुनाफा: पैसे जमा करवाने के बाद आरोपियों ने फर्जी ऐप या आईडी पर फर्जी मुनाफा दिखाना शुरू किया। जब बलविंदर सिंह ने अपना मुनाफा और मूलधन वापस निकालने की मांग की तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दिया। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उन्हें एक भी रुपया वापस नहीं मिला तो पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
  • 4 राज्यों के आरोपियों पर केस दर्ज: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की इंचार्ज किरनदीप कौर और ASI जगरूप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और मोबाइल नंबरों की प्राथमिक जांच की गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने 4 अलग-अलग राज्यों के रहने वाले आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि 73.25 लाख रुपए की राशि किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई, रकम को कहां-कहां से निकाला गया और इस साइबर सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
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