पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है।
बता दें कि नामांकन के पहले दिन कुल 10 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए, जबकि किसी भी नगर निगम से अभी तक कोई नामांकन सामने नहीं आया है। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि दूसरे दिन से उम्मीदवारों की संख्या में तेजी आएगी।
राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं। रिटर्निंग अफसर के दफ्तरों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, वहीं पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
105 निकायों में होंगे चुनाव
इस बार पंजाब में कुल 105 शहरी निकायों में चुनाव कराए जाएंगे। इनमें 8 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायत शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार मतदान ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा। पहले दिन नगर पंचायत कोट ईसे खान से 3, नगर परिषद जीरा से 5, मालेरकोटला से 1 और भिखीविंड से 1 नामांकन दाखिल किया गया।
ऐसे होगी नामांकन प्रक्रिया
उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर चुनाव अधिकारी के कार्यालय में जाकर नामांकन पत्र जमा करवाना होगा। इसके बाद सभी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी ताकि लोग उम्मीदवारों की प्रोफाइल देख सकें।
18 मई को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। इस दौरान उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। वहीं 19 मई नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख तय की गई है।
इन नगर निगमों में होगा चुनाव
राज्य के जिन 8 नगर निगमों में चुनाव होंगे उनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। चुनाव के लिए पूरे प्रदेश में 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
36 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान
निकाय चुनाव में करीब 36.72 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 18 लाख से अधिक पुरुष, लगभग 17.73 लाख महिलाएं और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा भी निर्धारित कर दी है।
नगर निगम चुनाव: अधिकतम 4 लाख रुपए
नगर परिषद चुनाव: 2 लाख से 3.60 लाख रुपए तक
नगर पंचायत चुनाव: 1.40 लाख रुपए
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव प्रक्रिया में करीब 36 हजार कर्मचारी लगाए जाएंगे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए 35,500 पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान तैनात रहेंगे। हर मतदान केंद्र पर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी होगी। इसके अलावा पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ केवल चार लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति होगी। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को रिटर्निंग अफसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।