Home Latest News International Border पर BSF की बड़ी कार्रवाई; हेरोइन-आइस ड्रग और गोला-बारूद बरामद

International Border पर BSF की बड़ी कार्रवाई; हेरोइन-आइस ड्रग और गोला-बारूद बरामद

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पिछले 24 घंटों के भीतर अमृतसर सीमा क्षेत्र में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान यह बड़ी सफलता.

भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने एक बार फिर ड्रग्स और हथियारों की तस्करी की साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थों और गोला-बारूद की बरामदगी की है। पिछले 24 घंटों के भीतर अमृतसर सीमा क्षेत्र में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान यह बड़ी सफलता मिली है।
पहली कार्रवाई: ड्रोन की गतिविधि से खुली साजिश की परतें
बीती शाम भैणी राजपुताना गाँव के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखे जाने के बाद BSF और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में खेतों की जांच के दौरान एक बड़ा पैकेट बरामद हुआ, जिसमें मेथैम्फेटामाइन (आइस ड्रग) के तीन छोटे प्लास्टिक डिब्बे पाए गए। इनका कुल वजन 3.049 किलोग्राम बताया गया है।
दूसरी बड़ी बरामदगी: रात के अंधेरे में तस्करी की कोशिश नाकाम
इसके कुछ ही घंटों बाद, अटारी गाँव के समीप एक और अभियान चलाया गया। इस रणनीतिक कार्रवाई में जवानों ने खेतों से हेरोइन के 15 पैकेट (कुल वजन 7.985 किलोग्राम), 290 ग्राम अफीम और पाकिस्तान निर्मित 34 ऑर्डिनेंस कारतूस जब्त किए। तीन बड़े पैकेटों में ये सामग्री छिपाकर लाई गई थी।
BSF की मुस्तैदी से विफल हुई नार्को-आतंक की साजिश
BSF अधिकारियों के अनुसार, यह बरामदगी सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका देने वाली है। पाकिस्तान स्थित नार्को-आतंकी सिंडिकेट द्वारा भारतीय क्षेत्र में अशांति फैलाने की साजिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें BSF जवानों की सतर्क निगाहों और त्वरित कार्रवाई के चलते बार-बार नाकामी का सामना करना पड़ रहा है।
इन अभियानों में न सिर्फ ड्रोन के जरिए ड्रग्स गिराने के प्रयास को विफल किया गया, बल्कि यह भी स्पष्ट हुआ है कि तस्कर आधुनिक तकनीक और कुटिल योजनाओं के जरिये भारत में नशे और हिंसा फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
BSF और पंजाब पुलिस ने बरामद सामान को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियानों के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों को नशे के जाल से बचाने की कोशिशें और तेज की जाएंगी।
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