Home Latest News इधर डील की तैयारी, उधर ईरान ने यूरेनियम भंडार के रास्ते किए...

इधर डील की तैयारी, उधर ईरान ने यूरेनियम भंडार के रास्ते किए बंद, रास्तों पर माइंस बिछाईं

2
0
Google search engine

अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सुरंगों को ध्वस्त कर दिया है और एंट्री पॉइंट पर लैंड माइंस बिछा दी हैं.

अमेरिका और ईरान के बीत जल्द ही शांति समझौता होने वाला है. इससे पहले ईरान ने अपने पास मौजूद लगभग आधा टन हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को और ज्यादा सुरक्षित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. अमेरिकी खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने उन सुरंगों को जानबूझकर ध्वस्त कर दिया है, जहां यह यूरेनियम रखा गया है. साथ ही सुरंगों के एंट्री पॉइंट्स पर बारूद भी बिछा दी गई हैं. सूत्रों का कहना है कि अब इस यूरेनियम तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल, खतरनाक और समय लेने वाला हो गया है.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब डोनाल्ड ट्रंप संकेत दे चुके थे कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका इस परमाणु सामग्री को अपने कब्जे में लेने के लिए सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ईरान और अमेरिका के बीत युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है. इसी बातचीत में ईरान के संवर्धित यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने का मुद्दा भी शामिल है. हालांकि ईरान का कहना है कि डील पर साइन होने के बाद 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होगी.

ईरान के लिए भी यूरेनियम निकालना मुश्किल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब इस यूरेनियम को निकालना खुद ईरान के लिए भी आसान नहीं होगा. इसके लिए भारी खुदाई मशीनों, सुरंगों को खोलने और बारूदी सुरंगों को हटाने की जरूरत पड़ेगी. यह काम काफी जोखिम भरा माना जा रहा है.
पूर्व अमेरिकी न्यूक्लियर एक्सपर्ट स्कॉट रोएकर का कहना है कि यदि यह जानकारी सही है तो यूरेनियम को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना और उसकी जांच करना बहुत कठिन हो जाएगा. उन्होंने यह आशंका भी जताई कि ईरान भविष्य में यह दावा कर सकता है कि कुछ यूरेनियम तक पहुंचना संभव नहीं है, जिससे उसके परमाणु भंडार की पूरी जांच मुश्किल हो सकती है.

कहां छिपा रखा है यूरेनियम?

इंटरनेशनल कम्युनिटी का मानना है कि यूरेनियम का ज्यादातर हिस्सा मध्य ईरान के इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलटी की ध्वस्त सुरंगों में रखा गया है. कुछ सामग्री अन्य ठिकानों पर भी हो सकती है. मई में अमेरिका ने इस सामग्री को कब्जे में लेने के लिए सैन्य अभियान पर विचार किया था, लेकिन जोखिम ज्यादा होने के कारण इसे मंजूरी नहीं दी गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो भी जाता है, तब भी यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने की प्रक्रिया में काफी समय लगेगा. ट्रंप पहले कह चुके हैं कि इस काम को पूरा करने में कम से कम दो हफ्ते लग सकते हैं.
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here