पंजाब में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन 11 और 12 मई से कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
पंजाब में इन दिनों गर्मी लगातार लोगों को परेशान कर रही है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम राहत देने वाला साबित हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में तकरीबन 48 घंटे मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि 11 और 12 मई से कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम केंद्र चंडीगढ़ की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को पंजाब का सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। अमृतसर में 33.6 डिग्री, लुधियाना में 33.5 डिग्री, पटियाला में 33.6 डिग्री और जालंधर क्षेत्र में तापमान लगभग 33 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया।
मौसम विभाग की तरफ से जारी पंजाब के शहरों का तापमान-

11 मई से एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 9 और 10 मई को अधिकांश जिलों में बारिश के आसार नहीं हैं। हालांकि 11 मई से मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है।
जानें कहां-कहां है बारिश की संभावना-
11 मई- पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, रूपनगर, एसएएस नगर, फतेहगढ़ साहिब, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने के संकेत दिए हैं।
12 मई- बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, मोगा, लुधियाना, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण पंजाब के मौसम में यह बदलाव देखने को मिलेगा। इससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और गर्म हवाओं से राहत मिलेगी।
कटाई के बाद बारिश मददगार
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम बदलाव किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, ऐसे में बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और आने वाली फसलों की तैयारी में मदद मिल सकती है। हालांकि जिन किसानों ने अभी तक अनाज खुले में रखा हुआ है, उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान खानपान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। दिन में तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की भी सलाह दी गई है।














































