Home Latest News Jalandhar पहुंचे CM मान-कुछ देर में करेंगे संबोधित:फिल्लौर में SSPs, DC से...

Jalandhar पहुंचे CM मान-कुछ देर में करेंगे संबोधित:फिल्लौर में SSPs, DC से भी मिलेंगे, नशा रोकने पर प्लानिंग

1
0
Google search engine

पंजाब के CM भगवंत मान आज जालंधर में हैं।

कुछ ही देर बाद वह संबोधित करेंगे और लोगों के नाम नशे को लेकर मैसेज देंगे।इसके बाद फिल्लौर की पुलिस अकादमी में नशे को लेकर रिव्यू मीटिंग करेंगे। इसके लिए सभी जिलों के SSP, DSP, DC को बुलाया गया है। मानसा में हुए परविंदर सिंह झोटा मर्डर केस के बाद सरकार नशे के खिलाफ एक्शन मोड में दिख रही है।
CM की मीटिंग को लेकर AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एक वीडियो भी जारी किया। इसमें कहा गया कि आने वाले एक हफ्ते में पंजाब में नशे के खिलाफ एक बड़ा बदलाव दिखने वाला है। पन्नू ने साफ किया कि सरकार नशे को लेकर कड़ा और बड़ा फैसला ले सकती है।
विरोधी पार्टियां कांग्रेस, भाजपा, अकाली दल सहित वारिस पंजाब दे के नेता लगातार सरकार को नशे के मुद्दे पर घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि 2025 से चल रही पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मुहिम का अभी तक ग्राउंड पर कोई असर देखने को नहीं मिला है। झोटा मर्डर के बाद सरकार के मंत्री भी नशे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं। सरकार के खिलाफ खड़ी हो रही लहर के चलते अब CM ने सीधे कमान संभाली है।
1 मार्च 2025 को शुरू हुआ था युद्ध नशे विरुद्ध
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मुहिम 1 मार्च 2025 को CM भगवंत मान के निर्देश पर शुरू हुई थी। यह नशा तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस वाला तलाशी अभियान है। 15 अक्टूबर 2026 तक इस मुहिम के लगभग 592 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके तहत पंजाब के सभी 23 जिलों के पुलिस प्रमुख नशे की सूचना पर रेड करते हैं। वे इसे अपने इंस्टाग्राम और एक्स हैंडल पर प्रमोट करते हैं और नशे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाइयों, जिनमें तस्करों की गिरफ्तारी व घर गिराने की कार्रवाई शामिल है, को दिखाते हैं।
सरकार का दावा- बड़ी मात्रा में नशा पकड़ा
सरकार और पुलिस के दावों के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक 85 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अक्टूबर 2026 तक करीब 64 हजार FIR दर्ज की जा चुकी हैं। अब तक की मुहिम में लगभग 4,200 किलो हेरोइन और 980 किलो अफीम बरामद की गई है। इसके अलावा भुक्की, गांजा, ICE, लाखों नशीली गोलियां और कैप्सूल तथा 20 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है। नशे की कमाई से बने मकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी हुई है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम।
नशे के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम।
जानें, कैसे नशे के मुद्दे पर घिरती गई AAP सरकार
  • BJP की पंजाब भर में रैली ने माहौल बनाया: BJP पंजाब ने ‘नशा मुक्त पंजाब’ स्लोगन के तहत 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से एक यात्रा शुरू की। करीब 13 दिनों तक चली इस यात्रा ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया और लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान बीजेपी नेताओं ने नशा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हर विधानसभा क्षेत्र में AAP सरकार को घेरा।
  • 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा मिटाने का वादा: 30 सितंबर को गृह मंत्री ने जालंधर के परागपुर में इस यात्रा का समापन किया और 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा मिटाने का वादा किया। इससे पंजाब में नशे को लेकर लोगों की आवाज उठने लगी। मानसा में मारे गए परविंदर झोटा के पिता ने भी सबसे पहले केंद्र सरकार और अमित शाह से ही आरोपियों पर कार्रवाई की अपील की।
  • कांग्रेस ने विधानसभा में उठाए सवाल: विधानसभा सत्र में कांग्रेस ने नशे के मुद्दे पर कई बार CM को घेरा। CM भगवंत मान की स्पीच के दौरान जुबान लड़खड़ाने और शराब पीकर आने के आरोप लगाए। विधानसभा में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और एल्कोमीटर से सभी के टेस्ट करवाने का दबाव बनाया गया।
  • सभी विधायकों पर गूंगे होने का आरोप लगाया: जालंधर कैंट के कांग्रेस विधायक और प्रदेश प्रधान परगट सिंह ने सभी विधायकों पर गूंगे होने का आरोप लगाया। पंजाब पुलिस का एक कर्मचारी अमृतसर में चिट्टे के साथ पकड़ा गया। बठिंडा में पंजाब पुलिस की एक कांस्टेबल भी चिट्टे के साथ पकड़ी गई। कांग्रेस और बीजेपी ने लगातार सोशल मीडिया पर नशा लेते और सड़कों पर जॉम्बी बने युवकों के वीडियो शेयर किए।
  • मोहनजीत, गुलजार और अब परविंदर झोटा, 3 मामले: 29 सितंबर को संगरूर में CM को काला झंडा दिखाने वाले मोहनजीत ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। इस मामले को पूरे विपक्ष ने AAP सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाया। मोहनजीत ने भी नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी।
  • गुलजार सिंह को CM से नहीं मिलने दिया गया: संगरूर के दिड़बा में बेटे के नशा करने और इलाके में बिक रहे नशे की शिकायत लेकर गए गुलजार सिंह को CM से नहीं मिलने दिया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। मरने से पहले बनाए गए एक वीडियो में उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा और स्थानीय नेताओं पर ड्रग्स के मुद्दे को लेकर सवाल उठाने के बाद दबाव बनाने का आरोप लगाया था।
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here