निरीक्षण के दौरान कैदियों को मुफ्त कानूनी सहायता के अधिकार के प्रति जागरूक किया गया
लुधियाना। जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की चेयरपर्सन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा ने जेलों में बंद कैदियों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए सेंट्रल जेल, महिला जेल और बोर्स्टल जेल का अचानक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कैदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जेल प्रशासन को जायज़ शिकायतों का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कैदियों को मुफ्त कानूनी सहायता के अधिकार के प्रति जागरूक किया गया, वहीं भोजन की गुणवत्ता और बोर्स्टल जेल में तैयार हो रहे ‘बेटर लाइफ़ प्रिज़न स्कूल’ की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान, जज साहिबा ने जेल सुपरिटेंडेंट की मौजूदगी में कैदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जेल अधिकारियों को कैदियों की जायज़ समस्याओं को तुरंत हल करने का निर्देश दिया।
इस दौरान कैदियों को मुफ्त कानूनी सहायता के उनके अधिकार के बारे में भी जानकारी दी गई। जज साहिबा ने कहा कि जो कैदी प्राइवेट वकील नहीं रख सकते, वे डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी के ज़रिए मुफ्त कानूनी सहायता ले सकते हैं। सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए बन रहे खाने की क्वालिटी की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, बोर्स्टल जेल में बन रहे ‘बेटर लाइफ़ प्रिज़न स्कूल’ का भी निरीक्षण किया गया, जहां बच्चों को पेंटिंग, आर्ट और कंप्यूटर कोर्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। आखिर में, जेल सुपरिटेंडेंट को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करने और निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के बाद रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।