PMLA के तहत दर्ज किया गया बयान
अधिकारियों के अनुसार, विधायक को 2 जून को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। पूछताछ के दौरान उनका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया। एजेंसी अब उनके वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
रमन अरोड़ा के खिलाफ जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अगस्त 2024 में कथित अवैध वसूली का एक मामला भी दर्ज किया था। हालांकि बाद में उन्होंने जिला अदालत से जमानत हासिल कर ली थी। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में नए खुलासे हो सकते हैं।