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Iran की डर्टी बम धमकी से बढ़ी दुनिया की टेंशन, अमेरिका ने शुरू की सैन्य तैयारी

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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान ने डर्टी बम के इस्तेमाल की चेतावनी दी है.

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा रहा. इस बीच अब रेडियोलॉजिकल हथियारों को लेकर नई चिंता सामने आई है. ईरान की ओर से चेतावनी दी गई है कि अगर उस पर बड़ा हमला हुआ, तो enriched uranium का इस्तेमाल कर ‘डर्टी बम’ जैसे हथियारों का उपयोग किया जा सकता है. तेहरान की इस धमकी के बाद टेंशन बढ़ गई है.
जानकारी के मुताबिक डर्टी बम’ में पारंपरिक विस्फोटकों (जैसे TNT) के साथ Enriched Uranium को मिलाया जाता है. हालांकि यह परमाणु विस्फोट जैसा विनाशकारी नहीं होता, लेकिन इसके फटने से बड़े इलाके में रेडियोलॉजिकल प्रदूषण (Contamination) फैल जाता है, जिससे वह क्षेत्र दशकों तक रहने लायक नहीं बचता.

ईरान के पास 60% एनरिच्ड यूरेनियम

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुताबिक ईरान के पास 60% एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium)का भंडार है. IAEA के हालिया आंकड़ों ने इस खतरे की पुष्टि की है.
भंडार: ईरान के पास वर्तमान में इस्फहान (Isfahan) की पहाड़ियों के नीचे बनी सुरक्षित सुरंगों में लगभग 440 किलो 60% एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है.
​वेपन ग्रेड के करीब: यह स्तर हथियारों के लिए जरूरी 90% एनरिचमेंट के बेहद करीब है.
​खतरा: इतने भंडार से कई डर्टी बम बनाए जा सकते हैं, जो लंबे समय तक गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकते हैं.

अमेरिका ने बताया हताशा में दिया गया बयान

​ट्रंप प्रशासन ने ईरान की इस धमकी को “डेस्परेट ब्लफ” करार दिया है. हालांकि, पर्दे के पीछे वाशिंगटन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. अमेरिकी सेना अब ईरान के यूरेनियम स्टॉकपाइल को जब्त करने या उसे नष्ट करने के सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है.

​होर्मुज और मध्य-पूर्व में ‘चार घातक हथियार’

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है. ईरान अपनी रक्षा के लिए इन चार स्तंभों पर टिका है: 1.Underwater Stealth: ‘Narwhal’ जैसे ड्रोन जो समुद्र के नीचे अदृश्य हैंय 2.Intelligent Mines: आधुनिक समुद्री बारूद जो जहाजों को पहचान कर हमला करता हैय 3.Supersonic Precision: सटीक मार करने वाली सुपरसोनिक मिसाइलें. 4.Radiological Threat: डर्टी बम के जरिए बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलाने का डर.

‘लाइफ सपोर्ट’ पर सीजफायर

ईरान और अमेरिका के बीच जारी को समाप्त करने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है. वर्तमान में सीजफायर केवल कागजों पर सिमट कर रह गया है. इस ‘परमाणु साये’ के बीच कोई भी छोटी सी गलती पूरे क्षेत्र को एक ऐसे महायुद्ध में झोंक सकती है, जिसके परिणाम आने वाली कई पीढ़ियों को भुगतने होंगे.
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