पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शुक्राना यात्रा’ का आज दूसरा दिन है।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और आयोजन स्थल के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।यह यात्रा हाल ही में लागू किए गए जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026′ के बाद आयोजित की जा रही है। सरकार इसे धार्मिक सम्मान और जनभावनाओं से जुड़ी अहम पहल के रूप में देख रही है। यात्रा की शुरुआत जालंधर सेंट्रल के वरिंदर सिंह घुमन पार्क से की, जिसे पहले डीसी पार्क के नाम से जाना जाता था।
प्रशासन ने संभाली कमान
कार्यक्रम से पहले डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने आयोजन स्थल का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजाम, ट्रैफिक डायवर्जन, स्टेज मैनेजमेंट और लोगों की सुविधाओं से जुड़े सभी पहलुओं का निरीक्षण किया।
पुलिस प्रशासन ने शहर के कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार की उपलब्धियों पर होगा फोकस
आम आदमी पार्टी के जालंधर सेंट्रल प्रभारी नितिन कोहली ने कहा कि पंजाब सरकार ने बेअदबी के मामलों को लेकर जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है। उनके मुताबिक यह कानून राज्य में धार्मिक सम्मान बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करेंगे और सरकार की विभिन्न योजनाओं व उपलब्धियों को साझा करेंगे। साथ ही राज्य सरकार की जनहित नीतियों पर भी चर्चा की जाएगी।
आयोजकों का कहना है कि ‘शुक्राना यात्रा’ केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और धन्यवाद की भावना से जुड़ी पहल है। इसका उद्देश्य पूरे पंजाब में सामाजिक एकता और गुरु साहिबानों के प्रति सम्मान का संदेश देना है।
3 दिनों में पूरे राज्य के गुजरेगी
यह यात्रा तीन दिनों तक चलेगी और राज्य के प्रमुख धार्मिक व शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरेगी-
पहला दिन: श्री आनंदपुर साहिब से रूपनगर, बलाचौर, बंगा और फगवाड़ा
दूसरा दिन: जालंधर, अमृतसर, तरनतारन, फरीदकोट सहित कई शहर














































