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‘सरके चुनर’ गाने पर विवाद, नोरा फतेही ने महिला आयोग से मांगी माफी

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नोरा फतेही ने आयोग के सामने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।

विवादित गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग में चल रही सुनवाई के दौरान अभिनेत्री नोरा फतेही गुरुवार को आयोग के सामने पेश हुईं। सुनवाई के दौरान उन्होंने लिखित रूप से माफी मांगी और कहा कि भविष्य में वह ऐसे गानों में काम नहीं करेंगी, जिनसे महिलाओं के प्रति गलत संदेश जाता हो।
नोरा फतेही ने आयोग के सामने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगे से किसी भी ऐसे गाने या प्रस्तुति का हिस्सा नहीं बनेंगी, जिससे महिलाओं की गरिमा प्रभावित हो।
अनाथ बच्चों की पढ़ाई में करेंगी मदद
सुनवाई के बाद आयोग के दफ्तर से बाहर निकलकर नोरा फतेही ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बात आयोग के सामने रख दी है और लिखित माफी भी दे दी है। वह कुछ अनाथ बच्चों की  शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी लेंगी। समाज के लिए सकारात्मक काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
इससे पहले संजय दत्त भी हुए थे पेश
इस मामले में 27 अप्रैल को अभिनेता संजय दत्त भी राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुए थे। उन्होंने भी गाने को लेकर सफाई देते हुए माफी मांगी थी। संजय दत्त ने कहा था कि जब गाने की शूटिंग हुई थी, तब वह कन्नड़ भाषा में था और उन्हें इसकी हिंदी डबिंग की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आयोग को एक शपथपत्र भी दिया था, जिसमें 50 आदिवासी बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही गई थी।
महिला आयोग ने खुद लिया था मामला का संज्ञान
‘सरके चुनर’ गाने के बोल और उसमें दिखाई गई कथित अश्लीलता को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया था। आयोग का मानना था कि गाने के कुछ हिस्से महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। इसके बाद आयोग ने अभिनेता संजय दत्त और अभिनेत्री नोरा फतेही को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। पहले हुई सुनवाई में नोरा फतेही की तरफ से उनके वकील पहुंचे थे, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया और अभिनेत्री को खुद उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।
आयोग ने जताई थी कड़ी नाराजगी
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने सुनवाई के दौरान गाने के बोलों और प्रस्तुति पर गंभीर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि मनोरंजन और रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग ने साफ कहा कि फिल्मों और गीतों में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से दिखाया जाना जरूरी है।
बता दें यह विवादित गाना कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का हिस्सा था। गाना रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी आलोचना हुई थी। कई लोगों ने इसे महिलाओं के लिए अपमानजनक बताया था। विरोध बढ़ने के बाद इस गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया। इस मामले में गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम और फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि भी आयोग के सामने पेश हुए थे। उन्होंने भी लिखित रूप से माफी मांगते हुए माना कि गाने का समाज पर गलत असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने भविष्य में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर काम करने का आश्वासन दिया।
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