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Jammu-Kashmir में भारी बर्फबारी, सड़कें बंद, श्रीनगर एयरपोर्ट से 50 उड़ानें रद्द

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जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है।

कश्मीर घाटी के कई इलाकों में लगातार भारी बर्फबारी हो रही है। कुपवाड़ा, पुलवामा समेत कई जिलों में बर्फ गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बर्फबारी के चलते सड़कें बंद कर दी गई हैं और हवाई सेवाएं भी बाधित हो गई हैं।
भारी बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से मंगलवार को श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, अब तक कुल 50 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इनमें 25 उड़ानें श्रीनगर आने वाली और 25 उड़ानें यहां से जाने वाली शामिल हैं। लगातार बर्फबारी के कारण रनवे को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर पर निकलने से पहले अपनी एयरलाइंस से संपर्क कर लें और ताजा अपडेट जरूर लें। उड़ानों के रद्द होने से सैकड़ों पर्यटक कश्मीर में फंस गए हैं। ये पर्यटक वीकेंड और गणतंत्र दिवस की छुट्टियां मनाने के बाद अपने घर लौटने वाले थे, लेकिन मौसम ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। सिर्फ हवाई यातायात ही नहीं, बल्कि सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ताजा बर्फबारी के कारण रणनीतिक रूप से अहम जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। नवयुग टनल और उसके आसपास भारी बर्फ जमने के कारण वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
एक वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगले आदेश तक जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू की ओर किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा खराब मौसम और फिसलन भरी सड़कों के कारण मुगल रोड, श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी (SSG) रोड और सिंथन रोड भी पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।
इससे पहले मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के लिए अलर्ट जारी किया था। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, सोमवार देर शाम से मंगलवार तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई थी। विभाग ने यह भी चेतावनी दी थी कि कुछ इलाकों में गरज के साथ बिजली चमक सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा भी बताया है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी सभी चेतावनियों का पालन करें।
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