रूपनगर जिले में प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट अदित्य देचलवाल द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ये प्रतिबंध 23 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से इन निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सैन्य रंग के वाहनों के उपयोग पर रोक
जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिले में कोई भी व्यक्ति ऑलिव ग्रीन (मिलिट्री रंग) की जीप, मोटरसाइकिल या अन्य निजी वाहन का उपयोग नहीं करेगा। प्रशासन का मानना है कि असामाजिक तत्व सैन्य रंग और वर्दी का दुरुपयोग कर लोगों को भ्रमित कर सकते हैं तथा किसी आपराधिक या हिंसक घटना को अंजाम दे सकते हैं।
हालांकि यह प्रतिबंध सेना और अधिकृत सैन्य अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।
ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल स्टंट पर पूर्ण प्रतिबंध
हाल के दिनों में ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिलों से जुड़े खतरनाक स्टंट के दौरान कई युवाओं के घायल होने और एक युवक की मौत की घटना को देखते हुए प्रशासन ने ऐसे आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
आदेश के तहत जिले में ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और उनसे संबंधित उपकरणों के साथ किसी भी प्रकार के जोखिम भरे प्रदर्शन या स्टंट आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
सड़कों के किनारे पशु चराने पर भी कार्रवाई
प्रशासन ने शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों की सड़कों के किनारे पशुओं को चराने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों को सड़कों के आसपास चराने से फसलों और सड़क किनारे लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है।
प्रेगाबालिन 300 एमजी की बिक्री और भंडारण पर सख्ती
जिला प्रशासन ने प्रेगाबालिन 300 एमजी दवा के भंडारण और बिक्री को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार बिना लाइसेंस इस दवा को रखना, निर्धारित मात्रा से अधिक स्टॉक करना या उचित रिकॉर्ड के बिना बिक्री करना प्रतिबंधित रहेगा।
फार्मेसी संचालकों को दवा की खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और यह दवा केवल डॉक्टर के वैध पर्चे पर ही मरीजों को दी जा सकेगी।
नशे के रूप में हो रहा था टैबलेट का उपयोग
पुलिस और विशेष टास्क फोर्स (STF) की कार्रवाई के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि कुछ लोग कैप्सूल और टैबलेट का उपयोग नशीले पदार्थ के रूप में कर रहे हैं।
हालांकि यह दवा वर्तमान में एनडीपीएस एक्ट के दायरे में नहीं आती, लेकिन इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त निगरानी और नियंत्रण के आदेश जारी किए हैं।