आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब AAP सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में छात्रों के साथ पेपर लीक पर उनकी बैठक को उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने रोकने की कोशिश की।
संजय सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार को पेपर लीक की घटनाओं से कोई परेशानी नहीं है, बल्कि उसे इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा से दिक्कत है। उन्होंने कहा, “BJP को पेपर लीक से कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत सिर्फ पेपर लीक पर हो रही चर्चा से है।”
सोमवार को संजय सिंह ने दावा किया कि प्रयागराज में छात्रों के भविष्य और हालिया पेपर लीक मामलों पर चर्चा के लिए आयोजित एक बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए और कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में तानाशाही अपने चरम पर पहुंच गई है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में संजय सिंह अधिकारियों से सवाल करते नजर आए। उन्होंने कहा कि वह किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं, बल्कि एक कॉन्फ्रेंस रूम में छात्रों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने पूछा कि क्या लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना अब गैर-कानूनी हो गया है। संजय सिंह ने कहा, “हम देश के खिलाफ कोई बात नहीं कर रहे हैं। हम उन पेपर लीक मामलों पर चर्चा कर रहे हैं जिनसे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। आपके बच्चे भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। लोकतंत्र में इस तरह चर्चा रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद चल रहा है। परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों के बाद परीक्षा को 21 जून तक के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इधर, पेपर लीक के आरोपों को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं।