नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पूरा देश पराक्रम दिवस के तौर पर मनाता है।
23 जनवरी 2025 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती मनाई जा रही है। देश में इस दिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है। बोस के विचार आज भी युवाओं के मन में जिंदा हैं। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा जैसे स्लोगन के साथ उन्होंने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। आज भी उनके विचार और स्लोगन लोगों के मन में जोश भर देते हैं। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के खास मौके पर उनके कुछ विचार पढ़िए।
सुभाष चंद्र बोस ही थे जिन्होंने आजादी के लिए युवाओं को जोश भर दिया था। उनके लिए नारे देशभर में फैल गए थे। इसमें तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा और दिल्ली चलो का नारा सबसे लोकप्रिय हुआ।

कोई संघर्ष नहीं है, तो जीवन अपनी आधी रुचि खो देता है- अगर कोई जोखिम नहीं लेना है।

यदि कभी झुकने की नौबत आ जाए तो वीरों की तरह झुकें।
जो फूलों को देखकर मचलते हैं, उन्हें कांटे भी जल्दी लगते हैं।

सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है।
इसलिए किसी को भी असफलता से घबराना नहीं चाहिए।

अपनी ताकत पर भरोसा करो, उधार की ताकत तुम्हारे लिए घातक है।
राजनीतिक सौदेबाजी का रहस्य यह है कि आप वास्तव में जो हैं, उससे अधिक मजबूत दिखना है।
जो सैनिक हमेशा अपने राष्ट्र के प्रति वफादार रहते हैं, जो हमेशा अपने जीवन का बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं, वे अजेय हैं।

उच्च विचारों से कमजोरियां दूर होती हैं। हमें हमेशा उच्च विचार पैदा करते रहना चाहिए।
यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी आजादी की कीमत अपने खून से चुकाएं।

एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार, उसकी मृत्यु के बाद एक हजार जन्मों में अवतरित होगा।

इसके अलावा सुभाष चंद्र बोस का नारा तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, आज भी लोगों में जोश भर देता है।