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शिअद-भाजपा पर Arvind Kejriwal हमलावर:बोले-ईडी पार्टी का चिट्टा पार्टी से गठबंधन; दोनों दल नशे के मुद्दे पर लड़ेंगे चुनाव

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आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरवाल ने भारतीय जनता पार्टी व शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन होने की संभावना जताई है।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद तीखा और व्यंग्यात्मक ट्वीट किया है।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि
“मैंने कल ही कहा था। ED पार्टी बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबंधन करने को बेचैन है पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी घास नहीं डाल रही है। सबसे ग़ज़ब की बात ये है कि ED पार्टी चिट्टा पार्टी के साथ गठबंधन करके चिट्टे के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।”
अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी कई दिन से भाजपा को ‘ईडी पार्टी’ कहकर संबोधित कर रही है, क्योंकि विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब की मुख्य क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल को ‘बेअदबी पार्टी’ और ‘चिट्टा पार्टी’ (नशा/ड्रग्स) कहा गया है। यह तंज पंजाब में अकाली दल के पिछले कार्यकाल के दौरान हुए गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी मामलों और राज्य में फैले ‘चिट्टे’ के विवादित मुद्दों को लेकर है।
अरविंद केजरीवाल का ट्वीट।
अरविंद केजरीवाल का ट्वीट।
“गठबंधन के लिए बेचैनी, पर घास नहीं डाल रहे”
केजरीवाल ने अपने ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘ईडी पार्टी’ पंजाब में दोबारा पैर जमाने के लिए ‘चिट्टा पार्टी’ के साथ गठबंधन करने को लेकर बेहद उतावली और बेचैन है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि दूसरी तरफ से उन्हें भाव नहीं मिल रहा है, यानी वे इन्हें “घास नहीं डाल रहे” हैं।
पंजाब में पिछले कुछ समय से भाजपा और अकाली दल के पुराने गठबंधन को दोबारा जिंदा करने की अटकलें तेज हैं, जिस पर अभी तक दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
‘चिट्टे’ के मुद्दे पर ही लड़ेंगे चुनाव
केजरीवाल ने अपने ट्वीट के दूसरे हिस्से में सबसे बड़ा तंज कसते हुए इसे राजनीति का गजब विरोधाभास बताया। उन्होंने लिखा कि जो पार्टी खुद को भ्रष्टाचार और नशे के खिलाफ बताती है, वही ‘ईडी पार्टी’ अब ‘चिट्टा पार्टी’ के साथ हाथ मिलाकर पंजाब में नशे (चिट्टे) के ही मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जो दल एक-दूसरे की नीतियों का विरोध करते थे, वे अब सिर्फ सत्ता के लालच में एक मंच पर आने की कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब की राजनीति में गरमाया माहौल
अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह ट्वीट पंजाब की जनता को आगाह करने के लिए है कि कैसे विरोधी दल केवल राजनीतिक लाभ के लिए सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार हैं। गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग्स (चिट्टा) और बेअदबी के मामले हमेशा से बेहद संवेदनशील और बड़े चुनावी मुद्दे रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भी इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था और प्रचंड बहुमत हासिल किया था। अब एक बार फिर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए इस पुरानी लड़ाई को नए सिरे से हवा दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में भाजपा और अकाली दल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
भाजपा सिरे से नकार चुकी है गठबंधन
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय गृहमंत्री पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। यही नहीं पंजाब प्रदेश अध्यक्ष भी स्पष्ट कर चुके हैं कि वो 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। केजरीवाल के इस ट्वीट से पंजाब में राजनीतिक पारा फिर से चढ़ गया।
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