पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि ऑर्थोपेडिक बीमारियों का बोझ लगातार तेजी से बढ़ रहा है.
ऑर्थोपेडिक मामलों में बढ़ोतरी जनस्वास्थ्य में आ रहे व्यापक बदलाव को दर्शाती है. विशेष रूप से बढ़ती उम्र की आबादी में जोड़ों के घिसाव, लगातार दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिल रही हैं. ऑर्थोपेडिक उपचारों में अक्सर महंगे इम्प्लांट्स, लंबा इलाज और पुनर्वास की आवश्यकता होती है, जो परिवारों पर परंपरागत रूप से भारी आर्थिक बोझ डालते रहे हैं. राजपुरा के निकट खेड़ा गज्जू निवासी 43 वर्षीय गुलशन तनेजा के लिए यह स्थिति व्यक्तिगत रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुई.
गुलशन तनेजा को मुख्यमंत्री सेहत योजना का सीधा लाभ मिला. फैक्ट्री में काम करते समय तनेजा के साथ हादसा हो गया. इसके बाद चलना मुश्किल होता गया. अचानक उठने वाला दर्द उन्हें बीच कदम पर रोक देता था और दीवार का सहारा लेने पर मजबूर कर देता था. घुटने के आसपास सूजन लगातार बनी रही और जकड़न ने सामान्य गतिविधियों को भी कठिन बना दिया. कई बार खड़े होने से पहले उन्हें रुककर सोचना पड़ता था कि उनका पैर उनका भार सह पाएगा या नहीं.