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भारत-UAE के बीच ट्रेड ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार

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मौजूदा समय में यूएई काफी चर्चा में रहा है.

हाल ही में यूएई ने कच्चे तेल प्रोड्यूसर्स का संगठन ओपेक से बाहर निकल गया है. इस बार यूएई की चर्चा के साथ उसके ट्रेड को लेकर हो रही है. दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर को पार कर गई है, जबकि ट्रेड साल 2022 में हुई थी. इसवका मतलब है कि ट्रेड डील होने के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध काफी अच्छे रहे हैं. आने वाले दिनों में और भी मजबूती देखने को मिल सकती है. दोनों देशों ने साल 2032 तक इस बाइलेटरल ट्रेड को 200 अरब डॉलर से ज्यादा करने का भी प्लान लिया है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर हाल में दोनों देशों के बीच में ट्रेड को लेकर किस तरह की खबरें सामने आई हैं.

बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर के पार

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मई 2022 में लागू मुक्त व्यापार समझौते (सीईपीए) के बाद बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. गोयल ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि यूएई के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) अफ्रीका, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों, पश्चिम एशियाई देशों, स्वतंत्र देशों का राष्ट्रकुल (सीआईएस) देशों तथा कुछ यूरोपीय देशों के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार में मजबूत वृद्धि हुई है और यह 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. साथ ही सेवाओं का व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे नए बाजार खुल रहे हैं और अधिक मूल्य सृजित हो रहा है.

कितना हुआ इजाफा?

भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 101.25 अरब डॉलर हो गया, जो 2024-25 में 100.03 अरब डॉलर था. उन्होंने कहा कि रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार का विस्तार हुआ है. इस बीच, भारत और ब्रिटेन ने भी द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने तथा व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत अवसरों का लाभ उठाने के उपायों पर चर्चा की. यह चर्चा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के वाणिज्य एवं व्यापार मंत्री पीटर काइल के बीच ऑनलाइन बैठक में हुई.

किस तरह का है बाइलेटरल ट्रेड?

गोयल ने कहा, हमने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाते हुए व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया. भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को सीईटीए पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत भारत के 99 प्रतिशत निर्यात ब्रिटेन के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेंगे, जबकि कार और व्हिस्की जैसे ब्रिटेन के उत्पादों पर भारत में शुल्क कम किए जाएंगे. 2025-26 के दौरान, UAE को भारत का निर्यात लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 37.36 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 0.77 प्रतिशत बढ़कर 63.89 अरब डॉलर हो गया, जिसके परिणामस्वरूप 26.53 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ. अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान, UAE से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2.45 अरब डॉलर रहा. 2024-25 में यह 4.34 अरब डॉलर था.
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