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MLA Raman Arora के राजदार ने खोला मुंह, विजिलेंस के रडार पर पॉश इलाके का पार्षद

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आप विधायक रमन अरोड़ा का राजदार महेश मखीजा उर्फ राजू के करीबी नन्नी आनंद को गत दिन विजिलेंस द्वारा कोर्ट में पेश करके वी.एस.एस. की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए हैं।

विजिलेंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए आप विधायक रमन अरोड़ा का राजदार महेश मखीजा उर्फ राजू के करीबी नन्नी आनंद को गत दिन विजिलेंस द्वारा कोर्ट में पेश करके वी.एस.एस. की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए हैं। अब नन्नी आनंद के कोर्ट में बयान दर्ज होने के चलते सारा मामला काफी पेचीदा होता नजर आ रहा है। इससे विधायक अरोड़ा और महेश मखीजा की भी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विजिलेंस जांच में सामने आया था कि विधायक रमन अरोड़ा की गिरफ्तार होने के तुरंत बाद महेश मखीजा ने नन्नी आनंद के साथ करोड़ों रुपए को इधर-उधर किया है, इसलिए विजिलेंस द्वारा नन्नी आनंद को बुलाकर पूछताछ भी की गई थी।
mla raman arora
दूसरी ओर नन्नी आनंद द्वारा विजिलेंस के समक्ष माना गया कि विधायक रमन अरोड़ा की जब सिक्योरिटी वापस हुई थी तो उस वक्त उनके द्वारा 7 लाख रुपए कैश उनके पास भेजा गया था, जिसे किस प्रॉपर्टी में इन्वैस्ट करने को कहा गया था, इसलिए नन्नी द्वारा लिए 7 लाख रुपए विधायक के कहने पर घर पर ही पड़े थे। गत दिन विजिलेंस द्वारा कई जगहों पर जाकर विधायक रमन अरोड़ा और महेश मखीजा द्वारा खरीदी प्रॉपर्टियों की पैमाइश की है। इसके बाद विजिलेंस ने महेश मखीजा की कई प्रॉपर्टियों बारे आज पूछताछ की गई है, जिसकी रजिस्ट्री कई रिश्तेदारों एवं दोस्तों के नाम पर करवाई गई है। वहीं महेश मखीजा ने जांच में माना कि साल 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उसने मंडी में 3 दुकानों की रजिस्ट्रियां करवाई थी, जिसके कागजात विजिलेंस को बरामद हुए हैं। उक्त रजिस्ट्रियां मकसूदां मंडी में 3 दुकानों की हैं, जोकि सरकार बनने के बाद ही महेश मखीजा ने खरीदी थी।
विजिलेंस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि जो 3 दुकानें महेश मखीजा ने मकूसदां मंडी में खरीदी हैं, उसमें विधायक रमन अरोड़ा की कितनी हिस्सेदारी है। विजिलेंस को शक है कि उक्त तीनों दुकानों में विधायक रमन अरोड़ा की ब्लैकमनी एडजस्ट की गई है। इतना ही नहीं मखीजा के कई अन्य दोस्तों एवं रिश्तेदारों के नाम पर करवाई गई रजिस्ट्रियों संबंधी भी पूछताछ जारी है।
विधायक रमन अरोड़ा की प्रॉपर्टियों संबंधी जांच करने की सारी जिम्मेदारी एस.एस.पी. जगतप्रीत सिंह (विजिलेंस लुधियाना रेंज) को सौंपी गई है। विजिलेंस को शक है कि मकसूदां मंडी में दुकानें खरीद फरोख्त में काफी बड़ी अमाउंट कैश में देकर रजिस्ट्री कम कलैक्टर रेट पर करवाई हो सकती है। इस एंगल पर विजिलेंस रैवेन्यू रिकॉर्ड से भी जांच करेगी। सनद रहे कि सरकार विधायक को एक पी.ए. देती है लेकिन उसने 5 पी.ए. रखे हुए थे। उक्त पी.ए. के माध्यम से ही विधायक शहर में अवैध वसूली को अंजाम दे रहा था।

फुटबॉल चौक के पास स्थित एक पॉश इलाके का पार्षद भी विजिलेंस के राडार पर

वहीं विजिलेंस द्वारा नगर निगम द्वारा विधायक फंड से शहर के पार्कों के नवीनीकरण और उनकी संभाल के लिए कई वार्डों के पार्षदों को फंड जारी किए गए थे, जिनमें कई पार्षदों के साथ मिलकर विधायक रमन अरोड़ा द्वारा फंड को मिसयूज़ किया हो सकता है। इस बारे विजिलेंस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिन्हें वह पुख्ता कर रही है। विजिलेंस को फुटबॉल चौक स्थित एक पॉश इलाके का पार्षद जोकि हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल हुआ था, उस मामले में उक्त पार्षद को भी विजिलेंस बयान दर्ज कराने के लिए बुला सकती है। विजिलेंस इस एंगल पर जांच कर रही है कि कहीं विधायक अरोड़ा द्वारा पार्षद को जो पार्कों के नवीनीकरण संबंधी टैंडर जारी हुआ है, कहीं पार्षद और विधायक ने मिलकर उक्त टैंडर में भी भ्रष्टाचार तो नहीं किया है।

राजू मदान और राजन अरोड़ा की तलाश में छापेमारी

विधायक रमन अरोड़ा के समधी राजू मदान और बेटा राजन अरोड़ा अभी तक विजिलेंस के हाथ नहीं लगे हैं। विजिलेंस की कई टीमें दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। इसके अलावा परिवार के मोबाइल नंबर भी विजिलेंस ने सर्विलास पर लगाए हैं। राजू मदान और राजन अरोड़ा कहीं विदेश न भाग जाए इसके लिए विजिलेंस ने लुक ऑउट नोटिस भी जारी करवाया है। इस नोटिस की कापी देश के सभी हवाई अड्डों पर भेज दी है।
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