रान्या राव का सोना तस्करी मामला सिर्फ एक आपराधिक प्रकरण नहीं, बल्कि राजनीतिक और औद्योगिक विवादों से भी जुड़ गया है.
कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव का नाम हाल ही में सोने की तस्करी मामले में सामने आया है, जिससे राजनीतिक और औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. इसके बाद अब एक बार फिर रान्या राव सुर्खियों में आ गई हैं. दरअसल कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (केआईएडीबी) ने पुष्टि की है कि रान्या से जुड़ी कंपनी, क्षीरोदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को फरवरी 2023 में पिछली भाजपा सरकार द्वारा 12 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित की गई थी. यह भूमि तुमकुरु जिले के सिरा औद्योगिक क्षेत्र में एक स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए दी गई थी, जिसमें 138 करोड़ रुपए के निवेश और 160 नौकरियों के देने की बात कही थी.
सोना तस्करी मामला और जब्ती
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने हाल ही में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रान्या राव से 12.56 करोड़ रुपए कीमतकी सोने की छड़ें जब्त कीं. इसके बाद, उनके आवास पर छापेमारी की गई, जहां से 2.06 करोड़ रुपए मूल्य के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए. इस मामले में कुल 17.29 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है, जिससे एक बड़े संगठित सोना तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है.
औद्योगिक भूमि आवंटन पर उठे सवाल
यह मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है, क्योंकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षीरोदा इंडिया को औद्योगिक भूमि आवंटित की गई थी. कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जांच के संकेत दिए हैं. केआईएडीबी के अनुसार, कंपनी को 2 जनवरी 2023 को 137वीं राज्य स्तरीय एकल खिड़की मंजूरी समिति (एसएलएसडब्ल्यूसीसी) द्वारा स्वीकृति दी गई थी.
परिवारिक और राजनीतिक संबंध
इस मामले को और विवादास्पद बनाता है रान्या राव का पारिवारिक संबंध. वह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं, जो कर्नाटक राज्य पुलिस आवास और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं. इस वजह से पुलिस और प्रशासन पर निष्पक्ष जांच करने का दबाव बढ़ गया है.
रान्या राव का सोना तस्करी मामला सिर्फ एक आपराधिक प्रकरण नहीं, बल्कि राजनीतिक और औद्योगिक विवादों से भी जुड़ गया है. अब देखना यह होगा कि इस मामले की जांच किस दिशा में जाती है और क्या औद्योगिक परियोजना और सोना तस्करी के बीच कोई संबंध सामने आता है.