वरिंदर के भाई रब्बी बाजवा ने सोशल मीडिया पर ऑपरेशन का वीडियो साझा करते हुए अस्पताल प्रबंधन और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जालंधर के प्रसिद्ध शाकाहारी बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की संदिग्ध मौत के मामले में अमृतसर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के चार वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इन डॉक्टरों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
इसी बीच, वरिंदर के भाई रब्बी बाजवा ने सोशल मीडिया पर ऑपरेशन का वीडियो साझा करते हुए अस्पताल प्रबंधन और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बाजवा ने इसे ‘हत्या’ करार देते हुए स्वास्थ्य मंत्री को चेतावनी दी है कि वे कॉर्पोरेट घरानों का पक्ष लेना बंद करें, अन्यथा उनके नाम का खुलासा सार्वजनिक रूप से किया जाएगा।

ऑपरेशन के लिए जाते बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन।
जालंधर के बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की 9 अक्टूबर, 2025 को अमृतसर के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में सर्जरी के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया था। परिवार के लंबे संघर्ष के बाद, अब पुलिस ने अस्पताल के चार प्रमुख डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
FIR में नामजद डॉक्टरों में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तपिश शुक्ला, कंसल्टेंट एनेस्थीसिया डॉ. अलका तिवारी, एनेस्थीसिया विभाग की हेड डॉ. राजेन्द्र कौर और कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अरूण कुमार चोपड़ा शामिल हैं। परिवार का आरोप है कि सर्जरी के दौरान घोर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण एक स्वस्थ खिलाड़ी की जान चली गई। परिजनों ने बताया कि मृत्यु के बाद वरिंदर के शरीर की स्थिति अत्यंत संदिग्ध थी; सिर से लेकर कंधे तक का हिस्सा काला-नीला पड़ चुका था, जो गलत मेडिकल प्रक्रिया की ओर इशारा करता है।
















































