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‘भारत किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा’, विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका को दी चेतावनी

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैक्स (टैरिफ) की कड़ी आलोचना की है।

 विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैक्स (टैरिफ) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत अपने किसानों और छोटे उद्योगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। जयशंकर ने यह बात न्यूयॉर्क में आयोजित इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में कही।
किसानों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर अनुचित और गलत तरीके से टैरिफ लगाए हैं, खासकर भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर। उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने भारत पर सजा के तौर पर कुछ वस्तुओं पर 50% से ज्यादा का शुल्क बढ़ा दिया है, जो पूरी तरह से अनुचित है। जयशंकर ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हमारे किसान और छोटे उत्पादक हैं। हम उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर हम झुक सकते हैं।”
‘तेल विवाद’ का झूठा प्रचार
जयशंकर ने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ ‘तेल खरीदने’ का नहीं है, बल्कि इसे जानबूझकर गलत तरीके से भारत के खिलाफ पेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत से कहीं ज्यादा रूस से तेल चीन और यूरोपीय देश खरीदते हैं, लेकिन उनकी आलोचना नहीं होती।उनका कहना था, “अगर ऊर्जा की खरीद पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो सबसे बड़े आयातक तो चीन और यूरोपीय देश हैं। भारत से उनका व्यापार रूस के साथ कहीं ज्यादा है। फिर सिर्फ भारत पर ही सवाल क्यों?”
रणनीतिक स्वायत्तता का अधिकार
जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को देखते हुए फैसले लेने का पूरा हक है। उन्होंने कहा, “किसी भी देश को अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखने का अधिकार है, और हम अपने हितों को सबसे पहले रखते हैं।”
भारत-अमेरिका संबंधों पर टिप्पणी
भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर जयशंकर ने कहा कि कुछ तनावों के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा, “हम दो बड़े देश हैं, हमारी बातचीत चल रही है, भले ही मतभेद हों। देखते हैं आगे क्या होता है।” जब उनसे भारत में अमेरिका के नए राजदूत को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि यह दूसरे देश का आंतरिक मामला है।
रूस दौरे की प्रमुख बातें
जयशंकर हाल ही में रूस दौरे पर भी गए थे। वहाँ उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। उन्होंने भारत-रूस व्यापार, तकनीक, संस्कृति और सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा, अफगानिस्तान, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी बातचीत हुई। उन्होंने पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ भी दीं और दोनों देशों के आपसी रिश्तों को और मजबूत करने का भरोसा जताया।
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