
अदालत एक अप्रैल को दुष्कर्म मामले में सजा का ऐलान करने वाली है।
पादरी बजिंदर, जिनके खिलाफ 2018 में बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था। जिसमें कल मोहाली की एक अदालत ने उन्हें दोषी पाया। इसके बाद पीड़ितों ने कहा कि उन्हें न्याय मिल गया है। जिसके बाद आज पादरी बजिंदर से पीड़ित दो महिलाएं श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज से मिलने पहुंचीं।
इस अवसर पर पीड़ित महिलाओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को अपनी आपबीती सुनाई। जिसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने भी उन पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उनके लिए जो भी संभव होगा, किया जाएगा।
पीड़ितों को मिल रही हैं धमकियां
हालांकि अदालत एक अप्रैल को दुष्कर्म मामले में सजा का ऐलान करने वाली है, लेकिन उससे पहले ही श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मामले में नई एंट्री कर दी है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने भी उन महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़े होने की बात कही। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मुलाकात कर अपनी पूरी कहानी बताई है।
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें यह भी जानकारी दी गई है कि किस तरह से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब हमें पूरा सहयोग देंगे तथा हमें यह भी उम्मीद है कि सिख समुदाय भी हमारा साथ जरूर देगा।
पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि पादरी बजिंदर का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार कई महिलाओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्हें किसी न किसी तरह दबा दिया गया। अब वह (बजिंदर) दोषी पाया गया है। वे इससे संतुष्ट हैं और पीड़ित ने कहा कि वे चाहते हैं कि निश्चित तिथि को आने वाला फैसला ऐतिहासिक हो।