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Muslim Countries ने ही पाकिस्तानियों की एंट्री पर लगाया बैन, वीजा देने से साफ इनकार

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मुस्लिम देशों, विशेषकर यू.ए.ई. और सऊदी अरब, ने पाकिस्तान के 30 शहरों के नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगा दिया है।

पाकिस्तान के नागरिकों के लिए खाड़ी देशों में यात्रा और रोजगार के अवसरों पर संकट गहरा गया है। संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) और कई अन्य खाड़ी देशों ने पाकिस्तान के 30 शहरों के नागरिकों को वीजा देने से मना कर दिया है और उनके लिए अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस निर्णय ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए इन देशों में यात्रा, काम और बसने के रास्ते को मुश्किल बना दिया है। विशेषकर यू.ए.ई. ने पाकिस्तानियों के वीजा आवेदन के लिए पुलिस द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र (सी.सी.पी.) की अनिवार्यता लागू कर दी है, जिससे वीजा प्रक्रिया और भी जटिल हो गई है।

वीजा पर प्रतिबंध का कारण
इस वीजा प्रतिबंध के पीछे प्रमुख कारण पाकिस्तान से खाड़ी देशों में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों की बढ़ती संख्या है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में आकर ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और भिखारी बनकर बस गए हैं। इन घटनाओं ने खाड़ी देशों को चिंतित कर दिया है और अब उन्होंने इन मुद्दों के समाधान के लिए कड़े कदम उठाए हैं। खासकर सऊदी अरब ने पाकिस्तान को भिखारियों की बढ़ती संख्या को लेकर चेतावनी दी थी। सऊदी अरब और यू.ए.ई. जैसे देशों में पाकिस्तानियों के लिए रोजगार के अच्छे अवसर थे, क्योंकि इन देशों में लाखों पाकिस्तानी काम करते हैं। लेकिन अब ये देशों की कंपनियां पाकिस्तान से आने वाले श्रमिकों के बारे में नकारात्मक रिपोर्ट देने लगी हैं। कई खाड़ी देशों की कंपनियों ने अपनी शिकायतों में कहा कि पाकिस्तान से भेजे गए लोग अक्सर नौकरी की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं। इस कारण इन देशों ने पाकिस्तान से किसी भी प्रकार के मजदूर या तकनीशियन को काम पर रखने से मना कर दिया है।

पाकिस्तानी पासपोर्ट की खराब छवि
इसके अलावा, पाकिस्तानी पासपोर्ट की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार खराब छवि बनी हुई है। पाकिस्तान का पासपोर्ट दुनिया में सबसे खराब पासपोर्टों की सूची में लगातार तीसरे वर्ष चौथे स्थान पर बना हुआ है। इसका मतलब है कि पाकिस्तानियों के लिए अन्य देशों में यात्रा करना और वीजा प्राप्त करना और भी कठिन हो गया है। यह स्थिति पाकिस्तान के नागरिकों को खाड़ी देशों में वीजा मिलने के अवसरों को और भी घटा देती है।

खाड़ी देशों में काम करने वाले पाकिस्तानी श्रमिकों के मुद्दे
पाकिस्तानियों के लिए खाड़ी देशों में रोजगार के अवसर लंबे समय से उपलब्ध रहे हैं। लाखों पाकिस्तानी श्रमिक इन देशों में काम करने जाते हैं, विशेष रूप से निर्माण, तकनीकी और घरेलू श्रमिकों के रूप में। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इन देशों में पाकिस्तानियों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण खाड़ी देशों की सरकारों ने वीजा नीति में बदलाव किए हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए, पाकिस्तान के श्रमिकों को अब विदेश यात्रा से पहले चरित्र प्रमाण पत्र (सी.सी.पी.) प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। यू.ए.ई. जैसे देशों में, यह कदम सुरक्षा और अवैध प्रवासियों की रोकथाम के लिए उठाया गया है।

पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया
इस स्थिति पर पाकिस्तान सरकार का अब तक कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि खाड़ी देशों द्वारा पाकिस्तानियों पर लगाए गए वीजा प्रतिबंध ने पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय छवि को और नुकसान पहुंचाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान को अपने नागरिकों की विदेश यात्रा और उनके कार्य व्यवहार को लेकर एक गंभीर और प्रभावी नीति तैयार करने की आवश्यकता है। यदि पाकिस्तान ने समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो यह स्थिति और भी विकट हो सकती है।

पाकिस्तानियों के लिए भविष्य की चुनौतियां
यह वीजा प्रतिबंध पाकिस्तान के नागरिकों के लिए एक गंभीर संकट साबित हो सकता है, क्योंकि खाड़ी देशों में रोजगार के अवसर अधिक होते हैं और लाखों पाकिस्तानी इन देशों में अपनी आजीविका कमाते हैं। इन देशों में पाकिस्तानियों के लिए काम करने का अवसर मिलना, खासकर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में, एक बड़ी राहत होती है। लेकिन अब वीजा प्रतिबंध और कठिन वीजा प्रक्रिया के कारण पाकिस्तानी नागरिकों को नई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, खाड़ी देशों के वीजा नीति में बदलाव से पाकिस्तान के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए नए आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकते हैं। कई पाकिस्तानी नागरिक जो इन देशों में रोजगार के लिए जाते हैं, वे अपने परिवारों का पालन-पोषण इन्हीं देशों से भेजे गए पैसे से करते हैं।

अब यह स्थिति इन परिवारों के लिए कठिनाइयाँ पैदा कर सकती है। खाड़ी देशों का यह कदम पाकिस्तान के लिए एक संकेत है कि उन्हें अपने नागरिकों के व्यवहार और कार्यकुशलता में सुधार करने की आवश्यकता है। पाकिस्तान को चाहिए कि वह विदेशों में अपने नागरिकों की छवि सुधारने के लिए कड़ी नीति अपनाए, ताकि भविष्य में ऐसे वीजा प्रतिबंधों से बचा जा सके। साथ ही, पाकिस्तान सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाकर अपने नागरिकों के लिए विदेश में रोजगार और यात्रा के अवसरों को बहाल करने की दिशा में काम करना होगा।

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