Chandigarh नगर निगम से हैरान करने वाला वीडियो सामने आ रहा है।
संसद के शीतकालीन सत्र की लड़ाई चंडीगढ़ तक पहुंच चुकी है। बात इतनी बढ़ी की मारपीट की नौबत आ गई है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी पार्षदों में अचानक हाथापाई शुरू हो गई, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे हैं। कांग्रेस और AAP के पार्षद एक खेमें में थे तो वहीं बीजेपी पार्षद अलग। पहले दोनों गुटों में बहसबाजी शुरू हुई और फिर मारपीट की नौबत आ गई।
अंबेडकर विवाद पर हुई लड़ाई
यह मामला चंडीगढ़ नगर निगम का है। नगर निगम के ऑफिस में कांग्रेस, AAP और बीजेपी पार्षदों की बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान कांग्रेस और AAP के पार्षदों ने बाबा भीमराव अंबेडकर का मुद्दा उठाया। बीजेपी ने भी कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया। आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला मारपीट तक पहुंच गया और दोनों गुटों के पार्षद आपस में भिड़ गए।
क्या था मामला?
खबरों की मानें तो नगर निगम में पार्षदों की मीटिंग के दौरान आप और कांग्रेस के पार्षदों ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बाबा साहेब का अपमान किया था। इसे लेकर एक प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें अमित शाह से इस्तीफे की मांग की जाने लगी। कांग्रेस पर पलटवार करते हुए बीजेपी के पार्षदों ने कहा कि नेहरू के समय भी कांग्रेस ने अंबेडकर का अपमान किया था।
आरोप-प्रत्यारोप में बढ़ा मामला
कांग्रेस और आप के पार्षदों ने बीजेपी नेता अनिल मसीह को वोट चोर कह डाला। इस पर मामला और भी ज्यादा बिगड़ गया। अनिल ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी जमानत पर बाहर हैं। इसी बात पर कांग्रेस के पार्षद भड़क गए और दोनों गुटों में मारपीट होने लगी।
अनिल मसीह से क्या है नाराजगी?
बता दें कि इसी साल जनवरी में चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव हुए थे। इस चुनाव में बीजेपी नेता मनोज सोनकर को 16 और कांग्रेस-आप उम्मीदवार कुलदीप कुमार को 12 वोट मिले थे। इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह ने 8 वोटों को अवैध करार दिया था, जिसके बाद से ही कांग्रेस और आप के पार्षद अनिल मसीह से खफा चल रहे हैं।