Home delhi Akali Dal में नई भर्ती के लिए गठित कमेटी को मीटिंग करने...

Akali Dal में नई भर्ती के लिए गठित कमेटी को मीटिंग करने में आ रही कानूनी दिक्कत

27
0

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह और पांच सिंह साहिबान द्वारा शिरोमणि अकाली दल में नई भर्ती करने

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह और पांच सिंह साहिबान द्वारा शिरोमणि अकाली दल में नई भर्ती करने और नए डैलीगेट्स बनाने के लिए गठित कमेटी (SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में) को मीटिंग करने में कानूनी दिक्कत आ रही है।
सूत्रों का कहना है कि किसी भी धार्मिक आदेश के अंतर्गत किसी भी राजनीतिक पार्टी में भर्ती नहीं हो सकती और अगर ऐसा होता है तो उसको इलैक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के पास चुनौती दी जा सकती है।
क्योंकि, किसी भी राजनीतिक पार्टी को (जो इलैक्शन कमीशन आफ इंडिया द्वारा रजिस्टर की जाती है) अपनी धर्मनिरपेक्षता के बारे में इलैक्शन कमीशन को एफिडेविट देना पड़ता है।
इस बारे में धामी ने जत्थेदार रघुवीर सिंह को बता दिया है और उनको कहा है कि अगर वह चाहते हैं तो इस बारे में कानून विशेषज्ञों के साथ बैठक करके राय ले सकते हैं।
धामी के अलावा सुप्रीम कोर्ट के वकील और पूर्व विधायक हरविंदर सिंह फूलका ने भी इस बारे में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को बता दिया है।
जब इस बारे में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से बात की तो उन्होंने बताया कि इस बारे में सारी स्थिति श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब को स्पष्ट कर दी गई है।
वहीं, फूलका ने बताया कि अगर विशेषण कमेटी के गठन के बारे में शिरोमणि अकाली दल की आंतरिक कमेटी प्रस्ताव पास कर देती है और इसकी घोषणा कर देती है तो इस कमेटी को चुनौती नहीं दी जा सकेगी और वह कानूनी तौर पर भर्ती कर सकती है तथा पार्टी का प्रसार कर सकती है। धामी का कहना है कि अब जो आदेश श्री अकाल तख्त साहिब से जारी हुआ है। उसको कैसे वापस लिया जाए यह सिंह साहिबान ने देखना है।
उनका कहना था कि अगर धार्मिक आदेश के अंतर्गत नई भर्ती होती है और कोई इसे कानूनी चुनौती देता है तो शिरोमणि अकाली दल की इलैक्शन कमीशन ऑफ इंडिया सदस्यता भंग कर सकता है।
इस बात का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। इस प्रकार जिन लीडरों ने इस्तीफा दिए हैं उनके इस्तीफा भी उनकी पार्टी की आंतरिक कमेटी ही मंजूर करेगी। अगर इस्तीफे श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मंजूर किए जाते हैं तो इससे भी मुश्किल खड़ी हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here