पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पेंशनभोगियों को बड़ा झटका दिया है।
हाईकोर्ट ने कम्युटेड पेंशन की वसूली को चुनौती देने वाली करीब 800 याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह रकम रिटायरमेंट के 15 साल बाद तक वसूली जाती है। याचिका में कहा गया है कि इस राशि पर 8 फीसदी ब्याज लेने का प्रावधान है, लेकिन सरकार मनमाने तरीके से ब्याज वसूल रही है। याचिकाकर्ता ने कहा कि कर्ज के तौर पर ली गई रकम हर महीने मिलने वाली पेंशन से काट ली जाती है।
सरकार एक फॉर्मूले के मुताबिक ब्याज लगाकर यह रकम वसूलती है। ऐसा करके सरकार 15 साल तक पेंशन से यह राशि कट रही है, जो पूरी तरह से गलत है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार को इस तरह मनमाने तरीके से ब्याज वसूलने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। याचिकाओं में हाई कोर्ट से अतिरिक्त रकम की वसूली रोकने की अपील की गई थी।
हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में अदालत का हस्तक्षेप ठीक नहीं है। इस मामले में याचिकाकर्ता यह साबित करने में असफल रहे कि उनके साथ कोई अन्याय हुआ है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह कटौती साढ़े 11 साल में पूरी की जानी चाहिए। इन टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने याचिकाएं खारिज कर दीं।