Gidderbaha विधानसभा क्षेत्र से भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।
पंजाब में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर आप और भाजपा के बाद मंगलवार को देर रात कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों का एलान कर दिया।
कांग्रेस ने गिद्दड़बाहा विधानसभा क्षेत्र से भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की धर्मपत्नी अमृता वड़िंग को गिद्दड़बाहा से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा गया है।
पहले से ही तय माना जा रहा था अमृता वड़िंग का नाम
कांग्रेस अमृता वड़िंग को ही बतौर उम्मीदवार गिद्दड़बाहा से चुनाव मैदान में उतारेगी यह पहले से ही तय हो चुका था। यही कारण है कि अमृता वड़िंग कई दिनों से हलके में चुनाव प्रचार में जुटी हुईं थी। उल्लेखनीय है कि अमृता वड़िंग पहली बार विधायक पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं।
अमृता वड़िंग ने भले ही कभी चुनाव नहीं लड़ा लेकिन वह हर चुनाव में अपने पति राजा वड़िंग की सपोर्ट में प्रचार करती अकसर देखी जाती रही हैं। अमृता वड़िंग गिद्दड़बाहा में पहले भी काफी सक्रिय थीं।
भाजपा ने मनप्रीत बादल को दिया है टिकट
बता दें कि उपचुनाव में तीन दिग्गज आमने-सामने हैं। राजा वड़िंग अपनी परंपरागत सीट को हर हाल में अपने हाथ से नहीं फिसलना देना चाहते। वह कांग्रेस की झोली में गिद्दड़बाहा से लगातार चौथी बार जीत डालना चाहते हैं। मनप्रीत बादल और डिंपी ढिल्लों से कांग्रेस का सीधा मुकाबला है।
गिद्दड़बाहा से राजा वड़िंग के बाद कांग्रेस के पास कोई और सशक्त नेता नहीं है। जो आप के हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों और भाजपा के मनप्रीत बादल को टक्कर दे सके। इसलिए राजा वड़िंग ने इस सीट को अपने पास रखा है और अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
अमृता वड़िंग का राजनीतिक करियर
46 वर्षीय अमृता वड़िंग पहली बार चुनाव लड़ रहीं हैं। इससे पहले वे कभी चुनाव नहीं लड़ी। अमृता और राजा वड़िंग के दो बच्चे हैं। एक बेटी और एक बेटा है। अमृता ने एक समाज सेवी संस्था चलाती हैं। लोगों में उनकी अच्छी पहचान है। इसी वर्ष जून में हुए लोकसभा चुनाव में अमृता वड़िंग को बठिंडा से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित करने पर विचार कर रही थी।
अमृता वड़िंग बठिंडा में कई दिनों तक प्रचार भी करतीं रहीं हैं। लेकिन बाद में कांग्रेस ने मन बदल लिया और अमृता वड़िंग को टिकट नहीं दिया गया। अब गिद्दड़बाहा से टिकट दिया गया है।