दुनियाभर में मशहूर बिजनेसमैन और टाटा संस चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा के निधन से पूरा देश दुखी है। आम से लेकर सेलेब्स तक बिजनेस टाइकून के निधन पर शोक जाहिर कर रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री से लेकर बिजनेसमैन तक हर कोई बस एक ही बात कह रहा है कि end of an era. हर आंखें नम हैं और हर दिल बस यही दुआ कर रहा है कि रतन टाटा जहां भी रहे खुश रहे।
ना सिर्फ बिजनेस बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से भी रतन टाटा का रिश्ता रहा है। जी हां, बॉलीवुड के महानायक संग भी उनके रिश्ते कॉफी अच्छे थे। आखिर कैसे इन दिनों के रिश्ते में गहराई आई? आइए जानते हैं…
रतन टाटा ने लगाया था पैसा
बात उस समय की है जब फिल्म ‘ऐतबार’ आई थी। साल 2004 में आई इस फिल्म पर रतन टाटा ने अपना पैसा लगाया था और ये एक रोमांटिक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा जॉन अब्राहम और बिपाशा बसु ने भी काम किया था। फिल्म का निर्देशन विक्रम भट्ट कर रहे थे और 9.50 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बस 7.96 करोड़ रुपये की कमाई की थी।
बिग बी ने बताया किस्सा
रतन टाटा ने जिस फिल्म पर पैसा लगाया था वो अपना बजट भी नहीं निकाल सकी और बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह जा गिरी। इसके बाद रतन टाटा ने कभी किसी फिल्म को प्रोड्यूस नहीं किया। हालांकि इसके बाद रतन टाटा और अमिताभ बच्चन का रिश्ता जरूर गहरा हुआ। अमिताभ बच्चन ने एक बार बताया था कि वो एक फ्लाइट में सफर कर रहे थे और उनकी बगल वाली सीट पर एक सज्जन इंसान बैठे थे, जिन्होंने बेहद नॉर्मल कपड़े पहने थे।
मैं उनसे बात करने की कोशिश कर रहा था- अमिताभ
देखने में वो बेहद पढ़े-लिखे और मीड़िल क्लास लग रहे थे। फ्लाइट में बाकी लोगों ने तो मुझे पहचान लिया था, लेकिन उन्होंने मुझे नहीं पहचाना। उस वक्त उनका ध्यान अपना पेपर पढ़ने में था और विंडो से बाहर देखने में था। जब उन्हें चाय के लिए पूछा गया, तो उन्होंने चाय भी पी ली। जब मैं उन्हें देख रहा था और उनसे बात करने की कोशिश कर रहा था तो वो भी बेहद प्यार से मुस्कुरा रहे थे।
अमिताभ ने क्या सीखा?
बिग बी ने बताया था कि इसके बाद हम दोनों में बातचीत शुरू हुई और फिल्मों के मुद्दे को उठाया। मैंने उनसे पूछा कि क्या आप फिल्में देखते हैं। हां, लेकिन बहुत कम और कई साल पहले। इसके बाद हम दोनों में बातचीत हुई और जब हम फ्लाइट से उतरे तो हम दोनों ने एक दूसरे को अपना नाम बताया। बिग बी कहते हैं कि उन्होंने रतन साहब से एक ही चीज सीखी है और वो ये है कि आप कितने भी बड़े बनो, लेकिन विनम्र रहो।












































